FIR की ‘चंद्रमुखी चौटाला’ ने टीवी इंडस्ट्री को कहा अलविदा, Kavita Kaushik को हो रहा इस बात का पछतावा

 ‘कुटुंब’ सीरियल से अपने करियर की शुरुआत करने वालीं कविता कौशिक (Kavita Kaushik) ने छोटे पर्दे पर कई तरह के किरदार निभाये हैं। वह एकता कपूर के हिट सीरियल ‘कहानी घर घर की’ से लेकर ‘कोई अपना सा’ और ‘पिया का घर’ जैसे तमाम डेली सोप में काम किया है।कविता कौशिक को घर-घर में पॉपुलैरिटी कॉमेडी शो ‘एफआईआर’ (FIR) में चंद्रमुखी चौटाला के रूप में मिली थी। कविता के दमदार किरदार ने हर किसी का दिल चुरा लिया था। 23 साल तक छोटे पर्दे पर काम करने के बाद अब कविता कौशिक ने टीवी इंडस्ट्री को गुडबाय कह दिया है।

टीवी से तंग आईं कविता कौशिक

एक हालिया इंटरव्यू में कविता कौशिक ने बताया है कि उन्होंने टीवी छोड़ दिया है। उन्हें लगातार डायन (विलेन) के किरदार मिल रहे थे, जिससे वह तंग आ गई थीं। टाइम्स ऑफ इंडिया संग बातचीत में कविता ने कहा- टीवी तो मुझे करना ही नहीं है। मैं 30 दिन काम नहीं कर सकती हूं। मैं वेब सीरीज और फिल्मों करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं टिपिकल दिखने वाली हीरोइन नहीं हूं जिसे आसानी से सभी तरह की शूटिंग में कास्ट किया जा सके।”

कविता कौशिक को मिल रहे डायन के किरदार

‘एफआईआर’ की चंद्रमुखी ने बताया कि उन्हें लगातार विलेन के किरदार मिल रहे हैं। एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे कुछ तरह के ही रोल मिल रहे हैं जैसे मुझे शैतानी रस्में जैसे डायन (चुड़ैल) पर टीवी प्रोजेक्ट ऑफर होते रहते हैं, लेकिन मैं वही तीन साल पहले वाली जिंदगी नहीं जी सकती, जब मैं फुल टाइम टेलीविजन कर रही थी। मैं उस फेज के लिए शुक्रगुजार हूं, लेकिन मैं जवान थी और पैसा चाहती थी। मगर अब मैं वैसा समय नहीं लगा सकती। यहां तक कि जब एफआईआर में ज्यादा समय लगता था तो मैं परेशान हो जाती थी।”

कविता कौशिक ने टीवी को बताया रिग्रेसिव

कविता कौशिक ने टीवी कंटेंट को लेकर भी अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा, “टीवी कंटेंट भी बहुत पिछड़ी सोच वाला (रिग्रेसिव) है और इसीलिए मैं इसका हिस्सा नहीं बनना चाहती। एक समय था जब टीवी आगे की सोच वाला था और हमारे पास अलग-अलग तरह के शो थे लेकिन अब जिस तरह का कंटेंट हम दिखा रहे हैं, वह युवा पीढ़ी के देखने के लिए वाकई बुरा है। हम अपने रियलिटी शो और ड्रामा में जिस तरह का रिग्रेशन दिखाते हैं, उससे लोग एक-दूसरे से नफरत करते हैं।”

कविता कौशिक को है पछतावा

उन्होंने आगे कहा, “मैं भी इसका हिस्सा रही हूं और मुझे बहुत पछतावा है। मैंने किसी तरह से उस पिछड़ी सोच में योगदान दिया है। वे टीवी पर जो कुछ भी दिखाते हैं, मैं उसे स्वीकार नहीं करती। जो भी बोलो, हम इंडियन हैं और हमें लगता है जो टीवी पर दिख रहा है वो सच है।”

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