बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग लंबे समय से चल रही है। जेडीयू और टीडीपी के सहारे चल रही मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इस बात पर काफी चर्चा हो रही थी कि इस बार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल सकता है। हालांकि, आज केंद्र सरकार की ओर से नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है।
राज्य स्पेशल स्टेट्स की क्राइटेरिया में फिट नहीं: केंद्रीय मंत्री
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार की ओर से वित्त राज्य मंत्री पकंज चौधरी ने बड़ा बयान दिया। दरअसल पंकज चौधरी ने लोकसभा में केंद्र सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना संभव नहीं है क्योंकि राज्य स्पेशल स्टेट्स की क्राइटेरिया में बिहार में फिट नहीं है।
वित्त राज्य मंत्री ने आईएमजी की रिपोर्ट का दिया हवाला
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जेडीयू सांसद के सवाल का लिखित जवाब दिया है। उन्होंने जवाब में कहा है कि अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) की 2012 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार को विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता। यह रुख बिहार में भाजपा के सहयोगियों द्वारा पिछड़े राज्य के लिए दर्जा मांगे जाने के एक दिन बाद आया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने आगे कहा,मंत्री ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे के लिए जिन प्रावधानों को पूरा करना होता है वह बिहार में नहीं है।
यह बिहार की जनता की आवाज: जेडीयू
बता दें कि सोमवार को आम बजट से पहले जेडीयू ने एक बार फिर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष सहायता देने की मांग की है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग बिहार की जनता की आवाज है।