देहरादून। नगर निगम चुनाव के लिए हर वार्ड में 10 से लेकर 15 उम्मीदवार अपने चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं। 100 वार्डों वाला नगर निगम देहरादून में इस बार चुनाव के लिए प्रत्येक वार्ड में घमासान शुरू हो गया है। सबने अपनी-अपनी पुख्ता दावेदारी शुरू कर दी है।
वार्ड 91 चन्द्रबनी से ऐसे तो कई दावेदार अपनी दावेदारी जता रहे हैं लेकिन खुलकर कोई सामने नही आ रहा है। जिनकी पिफलहाल नामों की घोषणा नही की जा सकती है।

नगर निगम चुनाव के लिए चन्द्रबनी वार्ड 91 से खुलकर एक नाम सामने आया है वह हैं उत्तराखंड कांति दल के वार्ड अध्यक्ष किशोर बहुगुणा। किशोर बहुगुणा ने वार्ड 91 से खुलकर चुनाव लड़ने की दावेदारी की है।
किशोर बहुगुणा भूतपूर्व सैनिक हैं जो गढ़वाल राइपफल्स से हवलदार के पद से रिटायर हैं। किशोर बहुगुणा ने उत्तराखंड हेड लाइंस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैं भी वार्ड 91 चन्द्रबनी की जनता की सेवा करना चाहता हूं और पार्षद पद का दावेदार हूं। मैं क्षेत्राय दल उत्तराखंड क्रांति दल से नगर निगम का चुनाव लडूंगा और चन्द्रबनी की जनता के हर सुख, दुख में मैं जनता के हितों की रक्षा के लिए आगे रहूंगा।
उत्तराखंड क्रांति दल के वार्ड अध्यक्ष किशोर बहुगुणा ने कहा चन्द्रबनी वार्ड अभी काफी सुख सुविधओं से वंचित है। अभी अगर हालफिलाल बात की जाए तो वार्ड में पानी की निकासी के लिए नालियां, सड़क, बिजली, पेयजल की समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं।
चन्द्रबनी की जनता के लिए प्रशासन से रूबरू होकर समस्त समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जायेगा। उन्होंने कहा वार्ड 91 की युवा पीढ़ी के लिए कहीं भी खेलकूद के लिए जगह नही है उनके लिए क्रीड़ास्थल बनाया जायेगा। यहां पर भूमापिफयाओं का दबदबाव अध्कि हो गया है जिसको दूर किया जायेगा। भूमापिफयाओं की दबंगई से चन्द्रबनी की जनता परेशान है और लोगों का जानमाल का खतरा बना रहता है इसे समय रहते शासन प्रशासन को समय पर देखना होगा। उन्होंने कहा कि वार्ड 91 चन्द्रबनी को एक आर्दश वार्ड रूप में देखना चाहते हैं।
किशोर बहुगुणा ने कहा कि वार्ड में चारों तरफ गंदगी का आलम बना हुआ लेकिन सपफाई नही हो रही है।। जिससे क्षेत्रावासी साफ-सफाई की लचर व्यवस्था को देखकर जूझ रहे हैं।
दल की राज्य निर्माण को लेकर सामाजिक मुद्दों को उठाने में अहम भूमिका रहीःकठैत

उत्तराखंड कां्रति दल के 46 वें स्थापना दिवस पर दल के प्रदेश अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत कहा कि दल की राज्य निर्माण को लेकर सामाजिक मुद्दों को उठाने में अहम भूमिका रही है। पृथक राज्य की लड़ाई के दौरान जो लोग बलिदान हुए उनके योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है। उत्तराखंड क्रांति दल के संघर्ष और योगदान से प्रदेशवासियों अच्छी तरह से परिचित हैं।