ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी ने नदी किनारे अथवा नदियों में कूड़ा डाले जाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदियों में कूड़ा फेंकते हुए पकड़े जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। जिन स्थानों पर नदियों में कूड़ा डाले जाने की संभावना रहती है, वहां जाली लगाकर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सेप्टिक टैंकरों की नियमित निगरानी करने तथा उनसे निकलने वाले मल का निर्धारित एसटीपी के माध्यम से उचित उपचार कराने के बाद ही निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बल्क वेस्ट जनरेटर की होगी पहचान
जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर को चिन्हित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन स्थानों पर कूड़े का उचित सेग्रीगेशन सुनिश्चित कराया जाए और गीले एवं सूखे कचरे का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। उन्होंने निकाय अधिकारियों को कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल ने बैठक में बताया कि मा0 उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। न्यायालय के आदेशों की प्रति सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत एवं छावनी परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा पार्षदों को उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है। सभी निकायों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों के साथ डंपिंग साइटों का संयुक्त निरीक्षण करने तथा कूड़ा प्रबंधन कार्यों के फोटोग्राफिक साक्ष्य निर्धारित पोर्टल पर प्रत्येक माह नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न डंपिंग साइटों पर कूड़ा निस्तारण संबंधी निरीक्षण की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारी उपस्थित रहे।